September 27, 2020
वो संघर्ष का दौर था, निजी भावनाओं ऊपर सर्वोपरि कुछ और था , जूनून जोश और अम्बर, जितने का ख़्वाब था , अपनी धारा आबो हवा, अपना सब कुछ पा लेने का उल्लास था, खोने को सब कुछ, पर पाने Read more…
September 27, 2020
वो संघर्ष का दौर था, निजी भावनाओं ऊपर सर्वोपरि कुछ और था , जूनून जोश और अम्बर, जितने का ख़्वाब था , अपनी धारा आबो हवा, अपना सब कुछ पा लेने का उल्लास था, खोने को सब कुछ, पर पाने Read more…
बंदिशे क्यों नागवार हैं , माँ के गर्भनाल से बंध कर ही , बचपन आया , पौधें की जड़ , मिटटी से बँध कर ही , लहलहाया , नदियां किनारो से , बंध कर ही धारा बन पाई , Read more…