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Month: August 2020

भागते थे कदम

    भागते थे कदम ,घर के बाहर छुपा -छुपी खेलने को , फुटबॉल खेलना था, ग्राउंड में , स्लाइड करना था , सब कुछ तय था, धमाचौकड़ी करनी थी , एम्बुलेंस , आयी थी आज, कोई बीमार हुआ , Read more…


क्या होगा ?

      कभी खेत खलिहान बगीचा , टिल्हा क्रीडा- स्थली होती थी , झूला – झुलनेवालो की, पेंगे बरी होती थी , चीका  कबड्डी , छुआ -छुई , गुल्ली- डंडा , कित- कित , गोटी , क्या कंचे थे Read more…